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नई सरकार के गठन के बाद खुल रही है घोटाले की फाइलें, अब वृक्षारोपण अभियान की खुलेगी फाइल

 

रायपुर (एजेंसी) | सीएम बनने के बाद  बघेल पहली बार वन विभाग की बैठक ली। उन्होंने विभाग में चल रही करीब 1400 करोड़ की योजनाओं का सिलसिलेवार रिव्यू किया। पिछले 15 सालों में चले  वृक्षारोपण अभियानों पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। बात दें कि पिछले 10 सालों में अकेले वन  विभाग ने सालाना 6 करोड़ पौधे रोपने का दावा किया है। वहीं अन्य विभागों की ओर से करीब एक करोड़ पौधे रोपे जाते हैं। विभाग का यह भी दावा है कि करीब 20 फीसदी पौधे मर या सूख जाते हैं।




अगर पौधे लगे होते तो 10 सालों में प्रदेश में जंगल दोगुना हो जाता

इनके स्थान पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के नाम पर अगले साल फिर पौधे रोपे जाते हैं। विभाग हर पौधे के पीछे 40-50 रुपए खर्च करता है। विभाग के दावों पर भरोसा करे तो इन 10 सालों में प्रदेश में जंगल दोगुना हो जाता। पर हकीकत अलग है। राज्य में जंगल का क्षेत्रफल करीब 3 फीसदी घटा है। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि भले जंगल कम हुआ हो पर हरियाली बढ़ी है।

बंसोड़ों को अब नहीं मिलेगी बाँस

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बंसोड़ों को नियमित रुप से बांस देने और पेड़ कटाई करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बैठक में मुख्य सचिव अजय सिंह, एसीएस सीके खेतान, सीएम के सचिव गौरव द्विवेदी, पीसीसीएफ मुदित सिंह के साथ सभी पीसीसीएफ मौजूद थे।



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