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खबर से जागा प्रशासन, घर में नसबंदी करने वाली नर्स निलंबित, दर्ज हुई FIR

बलौदाबाजार (एजेंसी) | पलारी ब्लॉक के गुमा गांव की रहने वाली पूर्णिमा की नसबंदी के बाद मौत हो गई थी। नर्स डगेश्वरी यदु ने अपने घर पर उसकी नसबंदी की थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। और इसके बाद अब मामले में कार्रवाई हुई है। नर्स के घर पर प्रशासन ने छापा मारा है। आरोपी नर्स फरार है. नर्स डगेश्वरी यदु को सीएमएचओ ने निलंबित कर दिया है।

उसके खिलाफ सीएमएचओ ने एफआईआर दर्ज कराने की भी बात कही है। छापेमारी के बाद उसके ठिकाने को सील कर दिया गया है। दरअसल पूर्णिमा अपने पिता की तबीयत खराब होने पर मायके आई हुई थी। परिजनों की सलाह पर उसने नसबंदी कराने का फैसला लिया। सलाह लेने के लिए शहर के रामसागर तालाब के पास लोहियानगर में रहने वाली नर्स डगेश्वरी यदु के पास पहुंची, तो नर्स ने खुद ही ऑपरेशन कर देने की बात कही।

नसबंदी करने के बाद बिगड़ी तबियत

इसी बीच बालौदाबाजार के रिटायर्ड पूर्व सीएमएचओ प्रमोद तिवारी की मदद से नर्स डगेश्वरी यदु ने 20 मई को अपने ही घर में पूर्णिमा की नसबंदी कर दी और 3 घंटे बाद उसे छुट्टी दे दी। पूर्णिमा जब घर लौटी तो 22 तारीख को फिर उसकी तबीयत खराब हो गई।

रात 8 बजे परिजन नर्स के घर फिर पहुंचे, जिसके बाद इलाज करके फिर छुट्टी दे दी गई। 23 को फिर पूर्णिमा की तबीयत खराब होने पर घरवाले उसे लेकर पहुंचे, तो पूर्व सीएमएचओ प्रमोद तिवारी वहां मौजूद थे। वहां से आनन-फानन में प्रमोद तिवारी पीड़िता को लेकर अपने बेटे के निजी नर्सिंग होम ले आए. हालत बिगड़ते देख उसे रायपुर के आरोग्य अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बता दें कि पूर्णिमा ने 3 महीने पहले ही जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था।

नर्स डगेश्वरी यदु खैंदा उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ है और उसने अपने घर पर ही अस्पताल खोल रखा है, जहां वह ऑपरेशन और डिलीवरी कराती है और मरीजों का इलाज करने का दावा करती है। इससे पूर्व में भी डगेश्वरी को सस्पेंड किया गया था आरोपी नर्स अभी फरार है और अपना मोबाइल भी बंद कर रखी है। आज तहसीलदार और तहसीलदार ने टीम के साथ नर्स के घर छापा मारा। नर्स घर से फरार है और पुलिस उसकी खोज में लगी हुई है।

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