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छत्तीसगढ़ : नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए रायपुर में बनेगी रणनीति, केेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 28 जनवरी को रायपुर में लेंगे बैठक

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रायपुर (एजेंसी) : नक्सल समस्या को हल करने के लिए उस पर आखिरी चोट करने केंद्र के साथ राज्य सरकार भी तैयार है। नक्सलियों पर नकेल की रणनीति बनाने के लिए देश के पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक 28 जनवरी काे रायपुर में होगी। इंटर स्टेट काउंसिल की इस बैठक को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लेंगे, जबकि अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। नक्सल समस्या को खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य की सरकार लगातार प्रयासरत हैं। अक्टूबर में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला और उसके बाद दिसंबर में केंद्रीय सुरक्षा सलाहकार विजय कुमार भी बैठक लेने आए थे।

प्रदेश में नक्सल घटनाओं में 40 , जवानों की शहादत में 60 % कमी

केंद्रीय गृहमंत्री के साथ होने वाली बैठक की जानकारी साझा करने के साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि प्रदेश में नक्सली घटनाओं में 40 फीसदी की कमी आई है। जवानों की शहादत में भी 60 प्रतिशत मामले कम हुए हैं। खास बात यह रही है कि इन नक्सल घटनाओं के चलते नागरिकों के मारे जाने के मामले 50 फीसदी तक कम हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का  विकास और सुरक्षा रणनीति पर विश्वास है। नक्सल मामलों को लेकर ही 28 जनवरी को एक उच्च स्तरीय बैठक रायपुर में होने वाली है, जिसमें 5 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

ऑपरेशन चलाकर नक्सलवाद खत्म करने को बनी रणनीति

वहीं डीजीपी डीएम अवस्थी कई दिनों से बीजापुर जिले के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने जिला स्तरीय पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें केंद्रीय सुरक्षा बल के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। बंद कमरे में हुई बैठक मेें नक्सलवाल के खिलाफ ऑपरेशन की नई रणनीति को लेकर जानकारी दी गई। साथ ही नक्सली इलाकों में विश्वास, विकास और सुरक्षा को पहली प्राथमिकता बताया गया है। किन-किन बिंदुओं पर काम करना है, इसकी भी जानकारी अधिकारियों को दी गई है। नई रणनीति के तहत नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में निर्णायक रणनीति बनाई जा रही है।

एससी/एसटी आरक्षण 10 साल बढ़ाए जाने को केंद्र के प्रस्ताव के अनुसमर्थन में होगा विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र 16 जनवरी को बुलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि इसकी अधिसूचना जल्द ही जारी होगी। विशेष सत्र में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए संवैधानिक व्यवस्था के तहत दिए गए आरक्षण की समयावधि बढ़ाए जाने के केंद्र के प्रस्ताव का अनुसमर्थन किया जाना है। केंद्र की अनुशंसा को 50 फीसदी राज्यों का समर्थन चाहिए। छत्तीसगढ़ आरक्षण के लिए महत्वपूर्ण राज्य है, जहां 32 फीसदी आदिवासी और 12 फीसदी अनुसूचित जाति की आबादी है।  लिहाजा भूपेश सरकार ने इस प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला लिया है।

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