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मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का झांसा देकर 26 लाख ठगे, आरोपी फ़रार

रायपुर (एजेंसी) | राजधानी के कारोबारी की मौसेरी बहन का नागपुर के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर जालसाज ने उनसे 25.75 लाख रुपए ठग लिए। शातिर ठगों ने जालसाजी करने के लिए राजधानी में तेलीबांधा स्थित एक कॉम्प्लेक्स में करियर ग्रोथ के नाम से पहले दफ्तर खोला। ऑफिस देखकर ही पीड़ित छात्रा समेत कई लोग मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के लिए पहुंचे और जाल में फंस गए। नागपुर में दर्ज कराई गई एफआईआर को अब यहां जांच के लिए भेजा गया है। घटना के बाद से आरोपी संजय सिंह और सुनील सिंह फरार है। उनके ऑफिस में भी ताला लगा है। पुलिस के आला अफसरों का मानना है कि इस गिरोह ने एक नहीं बल्कि देश के अलग-अलग शहरों में छात्र-छात्राओं के परिजनों से लाखों की ठगी की है। पुलिस अब इस आरोपियों के बारे में मिली जानकारी और उनके अकाउंट नंबर के आधार पर पड़ताल कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तेलीबांधा निवासी कमल आनंदानी (31) ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन ने इस साल नीट की परीक्षा दी है। परीक्षा देेने के बाद 27 जून को उनके मौसाजी नरेश कुमार मोटवानी के मोबाइल पर एडमिशन कराने का ऑफर देने वाला मैसेज आया। मोबाइल में जो मैसेज आया था, उसमें करियर ग्रोथ एंड एसोसिएशन कंपनी के नाम का लिंक दिया था। नरेश ने अपनी बेटी के लिए उस कंपनी के लोगों से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने तेलीबांधा स्थित शुभम कार्पोरेट के पांचवे माले के अपने ऑफिस में मिलने के लिए बुलाया।




कमल 29 जून को आरोपियों के बताए गए दफ्तर में पहुंचे। वहां संजय सिंह मिला, उसने झांसा दिया कि मुंबई, नागपुर और बेंगलुरु के कॉलेज में उनकी बहन का एमबीबीएस सीट में दाखिला करा देंगे। उसने कहा एमबीबीएस की काउंसिलिंग के तीन चरण में अगर दाखिला नहीं हुआ तो चौथे में हम कॉलेज में सेटिंग कर एडमिशन कराएंगे। इसके लिए 26 लाख रुपए देने होंगे। छात्रा के परिजनों ने नागपुर के कॉलेज में एडमिशन कराने की गारंटी मांगी। आरोपी ने हामी भर दी। इसके बाद उन्होंने मौके पर ही संजय के दिए गए एग्रीमेंट पर साइन करते हुए कंपनी के अकाउंट में 75 हजार रुपए जमा कराए। अनंत कुमार नाम के किसी व्यक्ति को अपना हेड बताते हुए बेंगलुरु में एडमिशन का पूरा काम देखना बताया। उसने होटल में 25 लाख रुपए कैश लाने का झांसा देते हुए कहा कि यह पैसा कॉलेज के कार्पोरेट ऑफिस में जमा होगा और जो 8.37 लाख का डिमांड ड्रॉफ्ट है, वह कॉलेज में देना होगा। 25 लाख रुपए की रसीद मिल जाएगी।

कमल, छात्रा के साथ 25 लाख लाख रुपए लेकर 28 अगस्त को नागपुर में दाखिला के लिए मिलने गए। इसके बाद 29 अगस्त की सुबह आरोपी संजय सिंह अपने कंपनियों के साथी अनंत सिंह, सुनील कुमार, वासुदेव भट्ट के साथ फ्लाइट से नागपुर पहुंचे। उन्होंने फोन कर पैसा कॉलेज में नहीं बल्कि होटल में आकर देना होगा। इसके बाद वे कमल को होटल के कमरे में ले गए जहां, आरोपी संजय के साथ अनंत, सुनील और वासुदेव बैठे थे। संजय ने दाखिले के नाम से सारे दस्तावेज और 25 लाख रुपए कैश लेते हुए कहा कि इसे मैं और अनंत कार्पोरेट ऑफिस में जमा करने के बाद कॉलेज में कुछ देर में मिलते हैं। इसके बाद वे दोनों होटल से चले गए। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा एक व्यक्ति आपके साथ ही रहेगा। होटल में रुका सुनील भी कुछ देर बाद सामान लाने के नाम से चला गया। कुछ देर बाद कमल को कॉल आया कि वे अपने मौसाजी और बहन के साथ कॉलेज में मिले। संजय कॉलेज पहुंचा और वहां शाम तक इंतजार करता रहा, लेकिन न तो संजय मिलने आया और न उसके साथी मिले। इस दौरान उन्होंने फोन का जवाब भी नहीं दिया। शाम को संजय ने फोन पर कहा कि आज एडमिशन का काम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में जब कमल ने ऐतराज जताते हुए कहा कि 25 लाख की रसीद भी नहीं दी है तो उन्होंने कहा कि होटल में आकर ले लीजिए, कल फिर दे दीजिएगा। जब कमल होटल पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। आरोपी गायब थे।



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