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तीर्थयात्रा जाने के पात्र नहीं कहकर 22 बुजुर्गों को 70 किमी दूर ले जाकर बस से उतारा

जशपुर (एजेंसी) | पत्थलगांव में मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के अंतर्गत 22 तीर्थयात्रियों को वैष्णो देवी ले जाने के दौरान बीच रास्ते में बस से उतारने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यात्रा प्रभारी ने करीब 70 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद 22 बुजुर्गों को आधी रात कुनकुरी में यह कहकर बस से उतार दिया कि वे तीर्थयात्रा के पात्र नहीं है। इनमें अधिकांश महिलाएं थीं। देर रात समाजसेवियों की मदद से बुजुर्गों ने किसी तरह कुनकुरी के सामुदायिक भवन में रात गुजारी। सुबह इन्हें घर वापस भेजा गया।

बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले जनपद व नगर पंचायत की ओर से यहां के बीपीएल व गरीबी रेखा से ऊपर आने वाले लोगो को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा में वैष्णो देवी भ्रमण करने ले जाया जा रहा था। इन तीर्थ यात्रा के लिए नगर पंचायत से 62 लोगों ने आवेदन किया था। मंगलवार की शाम लगभग 40 तीर्थयात्रा में शामिल होने के लिए पत्थलगांव पहुंचे। इनमें से अधिकांश महिलाएं थी। जशपुर से बस आई तो सभी उसमें सवार हो गए। इस दौरान यात्रा प्रभारी ने किसी को भी बस में चढ़ने से मना नहीं किया। 70 किलोमीटर की यात्रा करने के बाद आधी रात को बस कुनकुरी पहुंची तो महिलाएं सहित 22 बुजुर्गों को यह कहकर उतार दिया गया कि पंचायत विभाग की ओर से उम्र सीमा के दायरे में ना आने के कारण वे यात्रा में जाने के लिए योग्य नहीं है।




महिलाओं का आरोप- अपने चहेतों को दूसरी-तीसरी बार साथ ले गए

महिलाओं ने मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के प्रभारियों पर आरोप लगाते हुए अपात्र व्यक्तियों को यात्रा में ले जाने की बात कही है। महिलाओं का कहना था कि जब ये अपात्र की श्रेणी में आ चुकी थी, तो उन्हें यहां से 70 किलोमीटर दूर तक ले जाया ही क्यों गया। अपना नाम न छापने की शर्त पर एक महिला ने बताया कि मुख्यमंत्री योजना के नियमानुसार एक बार यात्रा करने वाले व्यक्ति को दुबारा इसमें शामिल नहीं किया जा सकता, पर पिछली बार यात्रा पर गए कई लोगो को राजनीतिक पहुंच के कारण दोबारा यात्रा कराई जा रही है।

पंचायत विभाग ने काटा नाम 

दुखन साय, तीर्थयात्रा प्रभारी, नगर पंचायत पत्थलगांव ने कहा, “22 बुजुर्गों की उम्र निर्धारित दायरे में नहीं आने के कारण पंचायत विभाग ने इनका नाम काटा गया है। पत्थलगांव में सभी 40 बुजुर्ग बस में सवार हो गए। कुनकुरी में लिस्ट मिलाई गई तो अपात्र लोगों को बस से उतार दिया गया।”



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