chhattisgarh rojgar logo
telegram group   Chhattisgarh Rojgar Facebook Page  Chhattisgarh Rojgar twitter  Chhattisgarh Rojgar Youtube Channel

बारहवीं पास ने नौकरी के लिए फर्जी साइट बनाकर लाखो रूपये ठग लिए कई शिक्षित बेरोजगार से

रायपुर (एजेंसी) | बिहार के रहने वाले बारहवीं पास युवक धर्मेंद्र कुमार (35) ने इंटरनेट पर नौकरी और ग्राहक सेवा केंद्र (Customer Service Point )की एजेंसी देने वाली आधा दर्जन फर्जी वेबसाइट बनाकर कई शिक्षित बेरोजगारों के साथ लाखो रूपये की ठगी की। उसने लोगो को बेवकूफ बनाने के लिए अपनी फर्जी वेबसाइट पर सरकारी वेबसाइट का लिंक अपलोड कर लिया। फिर इस वेबसाइट से जो भी बेरोजगार सरकारी वेबसाइट पर आवेदन करते थे, वह उसकी वेबसाइट पर अपलोड हो जाता। उसके बाद वह उन्हें फोन कर नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूलता था। आरोपी ने गोबरा नवापारा के एक युवक से सवा लाख की ठगी की। युवक की शिकायत पर पुलिस ने बेहद हाईटेक तरीके से उसे घेरा और पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि उसने देश के कई शहरों के बेरोजगारों से लाखों की ठगी की है। अब उसका रिकार्ड चेक किया जा रहा है।

एसएसपी अमरेश मिश्रा ने बताया कि धर्मेंद्र कुमार (35) मूलत: बिहार नवादा का रहने वाला है। वह गाजियाबाद में पिछले ढाई साल से किराये पर रह रहा है। उसकी पत्नी रेलवे में कार्यरत है। जबकि वह 12वीं पास है और बेरोजगार है। उसने गांव के लड़के जो दिल्ली में पढाई कर रहे है उनमे से कुछ लोगों ने साइबर कैफे खोला है। वहीं बैठकर उसने इंटरनेट की जानकारी ली। वेबसाइट डिजाइन करना और चलाना भी सीखा। हालांकि वह खुद वेब डिजाइन नहीं करता है। मेल भेजकर एक्सपर्ट से फर्जी साइट बनवायी है। वह उन्हें पैसे देता था।




इंटरनेट पर बैंक की ग्राहक सेवा केंद्र की एजेंसी देने और नौकरी संबंधित जानकारी देने की आधा दर्जन से ज्यादा फर्जी वेबसाइट बना ली है। उसने ऐसी वेबसाइट बनायी है कि सीआरपी (ग्राहक सेवा केंद्र) टाइप करने पर गूगल उसकी वेबसाइट को पहले नंबर पर दिखाती है। इससे बेरोजगार युवक उसकी वेबसाइट को क्लिक करते हैं। आरोपी ने वेबसाइट में सरकार की वेबसाइट www.ncvtcspgov.in का लिंक अपलोड कर लिया है। उस लिंक को क्लिक करने पर ऑनलाइन आवेदन कंप्यूटर स्क्रीन में दिखाई देता है। गोबरानवापारा के सुरेंद्र साहू को भी ग्राहक सेवा केंद्र की एजेंसी चाहिए थी। उसने ऑनलाइन सर्च किया, तो आरोपी की वेबसाइट मल्टी बैंक सीएसपी दिखने लगी। उसने उस लिंक में क्लिक किया। उसमें देना बैंक के सेवा केंद्र के लिए आवेदन किया। उसने ऑनलाइन आवेदन कर दिया। उसके बाद उसे फोन आया और पंजीयन कराने के लिए कहा गया। ऑनलाइन पेमेंट के लिए लिंक दिया गया। सुरेंद्र ने उसमें 14 हजार 800 जमा कर दिया।

15 दिन बाद फिर उसे फोन आया और एक लाख जमा करने के लिए कहा गया। सुरेंद्र ने चार किस्त में एक लाख जमा कर दिया। उसके बाद उसके ठगी का पता चला।

साइट पर नाम, पता नहीं दिखने पर हुआ शक

एक महीने बाद सुरेंद्र ने ग्राहक सेवा की एजेंसी देने वाली सरकारी वेबसाइट में जाकर चेक किया। उसमें उसका नाम, पता नहीं था। उसे शक हुआ, क्योंकि उसने रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसने भी रजिस्ट्रेशन कराया है, सभी का नाम साइट पर रहता है। उसने साइट में दिखने वाले नंबर पर फोन किया। तब आरोपी ने बताया कि उसे एक एग्रीमेंट भेज रहे हैं। उसे पढ़कर 32 हजार जमा करें। उसके मेल पर एग्रीमेंट की कॉपी आई। उसने एग्रीमेंट करने से मना कर दिया। उसने अपना पैसा वापस मांगा। तब ठग ने पैसा लौटाने के लिए 9 हजार मांगा और खाते की जानकारी मांगी। पैसा देने के बाद भी आरोपी ने पैसे नहीं लौटाए। तब उसने पुलिस में शिकायत की ।

बैंक खाता भी किसी और का, ताकि पुलिस न पकड़ सके

आरोपी ने अपने गांव के कुछ लोगों का बैंक खाता खुलवाया है। उनका एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया। ऐसा करने के लिए आरोपी बाकायदा उन लोगो को हर महीने पैसा भी देता है। यहां तक कि उसने तीन मोबाइल रखे है। नंबर भी उसके नाम पर रजिस्टर नहीं है। वह कभी भी अपने घर से फोन नहीं करता था। बात करने के लिए वह गाजियाबाद से दिल्ली आ जाता था। ताकि पुलिस उसका लोकेशन ट्रेस न कर सके। आरोपी को पकड़ने के लिए सब इंस्पेक्टर राजेंद्र कंवर की टीम काे लगाया था। आरोपी को ट्रेस करते हुए पुलिस पहले बिहार, फिर दिल्ली गई। वहां से ट्रेस करते हुए गाजियाबाद पहुंची और शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को आरोपी को रायपुर लाया गया। आरोपी ने ठगी के पैसे गाजियाबाद में जमीन खरीदी है। उसमें दो मंजिला मकान भी बनवा रहा है।



RO No - 11069/ 14
CM Bhupesh Bhagel Mandi ko Maar

Leave a Reply